बरसात में बढ़ती बीमारियों को लेकर कोईलवर सीएचसी प्रभारी की अपील, सावधानी बरतने की सलाह!

Sep 15, 2026 - 19:13
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बरसात में बढ़ती बीमारियों को लेकर कोईलवर सीएचसी प्रभारी की अपील, सावधानी बरतने की सलाह!
बरसात में बढ़ती बीमारियों को लेकर कोईलवर सीएचसी प्रभारी की अपील, सावधानी बरतने की सलाह!

कोईलवर/भोजपुर: बारिश के मौसम में जलजमाव, बाढ़ का घटता पानी, मरे मवेशियों के शवों से उठती दुर्गंध, दूषित पानी, मच्छरों का प्रकोप, उमस भरा मौसम और लगातार नमी के कारण कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए कोईलवर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. उमेश कुमार सिंह ने लोगों से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की अपील की है।

चिकित्सा पदाधिकारी ने लोगों को बरसात और बाढ़ के बाद साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने, स्वच्छ पानी पीने, सड़ रहे मवेशियों के शवों और गंदगी से दूर रहने तथा मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, हैजा, लेप्टोस्पाइरोसिस और त्वचा संबंधी संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। बाढ़ का पानी घटने के बाद जमा गंदगी और शवों से निकलने वाली दुर्गंध से सांस लेने में परेशानी, उल्टी, सिरदर्द और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

मच्छर जनित बीमारियों से बचाव जरूरी

बारिश और बाढ़ का पानी घटने के बाद जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इनके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी शामिल हो सकते हैं। घर के आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखें तथा मच्छरदानी और अन्य सुरक्षित बचाव उपायों का इस्तेमाल करें।

दूषित पानी और खुले भोजन से रहें सावधान

बारिश और बाढ़ के बाद दूषित पानी तथा अस्वच्छ भोजन के सेवन से टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। बाढ़ का पानी घटने के बाद भी कुओं, चापाकलों और अन्य जलस्रोतों के दूषित होने की आशंका रहती है। इनसे बचने के लिए हमेशा साफ और सुरक्षित पानी पिएं। भोजन को ढककर रखें और खुले में बिकने वाले संदिग्ध या अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोना भी जरूरी है।

बाढ़ के पानी और सड़ते शवों से रहें दूर

बारिश या बाढ़ के गंदे पानी के संपर्क में आने से लेप्टोस्पाइरोसिस जैसे बैक्टीरिया जनित संक्रमण का खतरा हो सकता है। बाढ़ का पानी घटने के बाद मरे मवेशियों के शवों और सड़ती गंदगी को नंगे हाथों से छूने से भी संक्रमण फैल सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि गंदे पानी में नंगे पैर न चलें और जरूरत पड़ने पर उचित जूते या चप्पल पहनें। शव या गंदगी दिखाई देने पर उसे स्वयं हटाने के बजाय स्थानीय प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचना दें। दूषित पानी या ऐसी वस्तुओं के संपर्क में आने के बाद शरीर और पैरों की अच्छी तरह सफाई करें।

उमस और गीले कपड़ों से त्वचा संक्रमण का खतरा

उमस भरे मौसम, लगातार नमी और लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से त्वचा पर फंगल इंफेक्शन, खुजली और रैशेज की समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए शरीर को साफ और सूखा रखें, गीले कपड़े तुरंत बदलें तथा कपड़ों और तौलिये को नियमित रूप से धोकर अच्छी तरह सुखाएं। उमस के कारण पसीना अधिक आने पर साफ पानी से स्नान करें और त्वचा की सिलवटों को सूखा रखें।

दुर्गंध और सड़न से बचाव जरूरी

बाढ़ का पानी घटने के बाद जमा कचरे, कीचड़ और मरे मवेशियों के शवों से उठने वाली दुर्गंध से आसपास का वातावरण प्रदूषित हो सकता है। ऐसे स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचें और बच्चों को भी वहां खेलने न दें। घरों और आसपास के क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर या अन्य कीटाणुनाशक का छिड़काव प्रशासन की सलाह के अनुसार कराएं। दुर्गंध के कारण सांस लेने में परेशानी, चक्कर, उल्टी या सिरदर्द होने पर तुरंत खुले और स्वच्छ स्थान पर जाएं तथा चिकित्सकीय सलाह लें।

तेज बुखार होने पर चिकित्सक से लें सलाह

स्वास्थ्य विभाग की सलाह के अनुरूप, लोगों को बारिश और बाढ़ के बाद साफ-सफाई, सुरक्षित पेयजल, व्यक्तिगत स्वच्छता और आसपास के वातावरण की स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए। तेज बुखार, लगातार उल्टी-दस्त, बदन दर्द, सांस लेने में परेशानी, त्वचा संबंधी समस्या या दूषित पानी के संपर्क के बाद कोई असामान्य लक्षण दिखाई देने पर स्वयं दवा लेने के बजाय नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। समय पर जांच और उचित उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद मिल सकती है।

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Shyamji Aryan Myself Shyam Babu, a journalist with over a decade of experience in the field of journalism. I started my journalism career in 2015 and have since worked with various newspapers and media platforms. Over the years, I have gained extensive experience in ground reporting, news writing, interviewing, field reporting and covering local, social, civic and public-interest issues. My approach to journalism is based on accuracy, fairness and responsible reporting. I believe that journalism is not only about reporting news but also about bringing people's issues to the forefront and giving a voice to the community. With years of field experience, I continue to work with dedication to provide credible, factual and meaningful news to readers and viewers.