मदर टेरेसा की 29वीं पुण्यतिथि और जगदेव प्रसाद का 52वां शहादत दिवस मनाया गया!
आरा। शहर के स्टेशन रोड स्थित दुर्गा मंदिर के सामने श्रीकृष्ण चेतना समिति सभागार में शुक्रवार को मदर टेरेसा की 29वीं पुण्यतिथि एवं जननायक जगदेव प्रसाद का 52वां शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन टीम मदर टेरेसा सेवाकर्मी, भोजपुर-आरा एवं संत रविदास जनसेवा संगठन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एवं संयोजन अमरदीप कुमार जय ने किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. कुमार शील भद्र ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में कृष्ण चेतना परिषद के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव मौजूद रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि यादव राम सकल सिंह भोजपुरिया रहे। मंच संचालन सीताराम रवि ने किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मदर टेरेसा और जगदेव प्रसाद के जीवन एवं उनके सामाजिक योगदान को याद किया। रमेश सिंह राम प्रसन्न ने कहा कि 5 सितंबर का दिन कई मायनों में गौरवपूर्ण है। इसी दिन पूर्व राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के रूप में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। साथ ही मदर टेरेसा की पुण्यतिथि और जगदेव प्रसाद का शहादत दिवस भी इसी दिन पड़ता है। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन समाज और मानवता की सेवा का संदेश देता है।
डॉ. कुमार शील भद्र ने कहा कि मानव जीवन में सेवा का विशेष महत्व है और सेवा के माध्यम से व्यक्ति समाज में अमिट पहचान बनाता है। वहीं सीताराम रवि ने मदर टेरेसा को करुणा और मानव सेवा की प्रतिमूर्ति बताया। नंदकिशोर यादव ने सामाजिक हितों के लिए समर्पण और संघर्ष का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि यादव राम सकल सिंह भोजपुरिया ने कहा कि समाज को ऐसी विभूतियों के जीवन और विचारों को हमेशा याद रखना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अमरदीप कुमार जय ने कहा कि मदर टेरेसा ने अपना पूरा जीवन गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा सभी वर्गों के लिए ममता और करुणा की मिसाल बनीं। 5 सितंबर 1997 को कोलकाता स्थित अपने आश्रम में उनका निधन हुआ था।
उन्होंने जगदेव प्रसाद को सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की आवाज बताया। उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और संघर्ष की मशाल थे। उन्होंने 5 सितंबर 1974 की घटना को याद करते हुए कहा कि कुर्था बाजार में पुलिस की गोलीबारी में जगदेव प्रसाद की मौत हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके विचार आज भी समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को संघर्ष एवं सामाजिक समानता के लिए प्रेरित करते हैं।
शकील हुसैन ने मदर टेरेसा को इंसानियत और मानवता की जीवंत मिसाल बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज के हर व्यक्ति को जरूरतमंदों की मदद और सेवा के लिए प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर यादव राम सकल सिंह भोजपुरिया, सुरेश भोजपुरी, सुरेश कुमार, रशीदा खातून, चंद्रशेखर सिंह, शकील हुसैन, अमोद प्रसाद, साहेब कुमार समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने दोनों महान विभूतियों के बताए रास्ते पर चलने तथा समाज में सेवा, समानता और मानवता की भावना को मजबूत करने का संकल्प लिया।
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